चंडीगढ़: हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री श्री अनिल विज ने घोषणा की है कि अम्बाला छावनी में लगभग ₹800 करोड़ की लागत से निर्मित भव्य ‘आजादी की पहली लड़ाई का शहीद स्मारक’ अब पूरी तरह बनकर तैयार हो चुका है। देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जल्द ही इस ऐतिहासिक और राष्ट्रीय महत्व के स्मारक का उद्घाटन करेंगे, जिसके बाद इसे आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा।
🌟 इस भव्य स्मारक की मुख्य विशेषताएं (Key Features)
* 23 अत्याधुनिक गैलरियां: इस स्मारक में 1857 की क्रांति के गौरवशाली इतिहास को दर्शाने के लिए कुल 23 विशेष गैलरियां बनाई गई हैं।
* स्वर्ण अक्षरों में वीरों के नाम: यहां देश के लिए अपने प्राण न्यौछावर करने वाले 700 से अधिक स्वतंत्रता सेनानियों और शहीदों के नाम स्वर्ण अक्षरों में अंकित किए गए हैं।
* आधुनिक तकनीक और आकर्षण: आगंतुकों के लिए यहां 360-डिग्री प्रोजेक्शन, विशेष साउंड एवं लेजर शो की व्यवस्था की गई है, जो उस दौर के इतिहास को जीवंत करेगा।
* विशाल ओपन एयर थिएटर: सांस्कृतिक कार्यक्रमों और आयोजनों के लिए परिसर में 2,500 दर्शकों की क्षमता वाला एक ओपन एयर थिएटर और 300 लोगों की क्षमता वाला ऑडिटोरियम भी स्थापित किया गया है।
* कमल के फूल जैसी संरचना: स्मारक परिसर में कमल के फूल के आकार की 63 मीटर ऊंची भव्य संरचना बनाई गई है, जिसके शीर्ष पर स्काई कैफे और आवागमन के लिए हाई-स्पीड लिफ्ट्स लगाई गई हैं।
🇮🇳 राष्ट्रीय स्तर पर ऐतिहासिक पहचान
कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने जानकारी दी कि यह स्मारक केवल अम्बाला या हरियाणा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे देश का एक प्रमुख राष्ट्रीय स्मारक है। यह उन गुमनाम और महान वीरों के बलिदान को समर्पित है जिन्होंने 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ खुलकर बगावत की थी और जिन्हें इतिहास में उनका बनता स्थान नहीं मिल पाया था। इसके शुरू होने से देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों और युवाओं को इतिहास के अनछुए पहलुओं से रूबरू होने का अवसर मिलेगा।
अम्बाला छावनी में ₹800 करोड़ की लागत से बना 'आजादी की पहली लड़ाई का शहीद स्मारक' तैयार, पीएम मोदी जल्द करेंगे उद्घाटन
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