उपायुक्त एवं जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. आनंद कुमार शर्मा ने बताया कि जिला में चल रही विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया को लेकर पात्र मतदाताओं को किसी प्रकार की अनावश्यक चिंता करने की आवश्यकता नहीं है।
एसआईआर प्रक्रिया के दौरान मिलान में मिली विसंगतियों तथा पिछले विशेष गहन पुनरीक्षण की मतदाता सूची से मिलान न होने के कारण प्राप्त हो रहे नोटिस के सम्बन्ध में आम जनता द्वारा मतदाता सूची से नाम हटाए जाने की आशंका व्यक्त की जा रही है। केवल पिछले विशेष गहन पुनरीक्षण की मतदाता सूची में नाम अथवा विवरण का मिलान न होने या पुराना मतदाता रिकॉर्ड उपलब्ध न होने मात्र से किसी पात्र मतदाता का नाम मतदाता सूची से नहीं हटाया जा सकता। प्रत्येक पात्र मतदाता के मताधिकार की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
उन्होंने बताया कि विशेष रूप से ऐसे मतदाता जो हरियाणा में आकर लंबे समय से निवास कर रहे हैं और वर्षों से यहां मतदान कर रहे हैं, आवश्यक दस्तावेजों एवं पुराने मतदाता अभिलेखों को लेकर चिंता जता रहे हैं। कुछ मतदाताओं का कहना है कि उनसे उनके संबंधित पुराने मतदाता रिकॉर्ड अथवा अन्य दस्तावेज उपलब्ध कराने के लिए कहा जा रहा है, जबकि लंबे समय से वर्तमान निवास स्थान पर निवास करने के कारण ऐसे पुराने अभिलेख अब उनके पास उपलब्ध नहीं हैं अथवा उन तक उनकी पहुंच नहीं है। उन्होंने स्पष्टï किया कि एसआईआर का उद्देश्य मतदाता सूची को शुद्ध एवं त्रुटिरहित बनाना है। मतदाता की पात्रता का परीक्षण भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित नियमों एवं उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार किया जाएगा। उन्होंने आमजन से अपील की कि वे किसी भी अफवाह अथवा भ्रामक सूचना पर विश्वास न करें।
एसआईआर का उद्देश्य मतदाता सूची को शुद्ध एवं त्रुटिरहित बनाना: डा. आनंद कुमार शर्मा
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